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ग्वालियर में महिला ने STF अधिकारी पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 34 वर्षीय एक महिला ने STF के सब-इंस्पेक्टर रहे आनंद कुमार के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला ने मामले की शिकायत ग्वालियर महिला थाने में दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, जिस समय कथित घटना हुई, उस दौरान आनंद कुमार थाटीपुर थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वे STF भोपाल में इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ बताए जा रहे हैं।
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि वह आनंद कुमार को पहले से जानती थी। शिकायत के मुताबिक, एक रात करीब 11 बजे आनंद कुमार उसके थाटीपुर स्थित किराए के कमरे पर पहुंचे। इतनी देर रात उन्हें अचानक अपने कमरे पर देखकर महिला हैरान रह गई और उसने उनके आने पर आपत्ति जताई।
महिला का आरोप है कि कमरे में पहुंचने के बाद आनंद कुमार ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए महिला से कहा कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं और उनकी हालत गंभीर है। आरोपी ने कथित तौर पर महिला से कहा कि उसकी पत्नी की जल्द मौत हो सकती है और पत्नी की मृत्यु के बाद वह उससे शादी कर लेगा।
शिकायत के मुताबिक, शादी का भरोसा दिलाने के बाद आरोपी ने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसने आरोपी की बात पर भरोसा किया और उसे भविष्य में शादी करने का आश्वासन दिया गया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह पहले से आनंद कुमार को जानती थी, इसलिए उनके द्वारा दिए गए आश्वासन पर विश्वास किया।
महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के सामने आने के बाद मामले ने पुलिस विभाग में भी चर्चा पैदा कर दी है, क्योंकि शिकायत में जिस व्यक्ति का नाम है, वह पुलिस सेवा में अधिकारी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है, इसका निर्धारण पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। फिलहाल महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, कथित घटना के समय आनंद कुमार थाटीपुर पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर के रूप में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग STF भोपाल में इंस्पेक्टर के पद पर बताई गई है। पुलिस अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को देखते हुए मामले की जांच में घटनाक्रम, दोनों के बीच पूर्व परिचय और कथित शादी के वादे से जुड़े तथ्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने पत्नी की बीमारी और संभावित मृत्यु का हवाला देकर उसे भरोसा दिलाया था कि वह बाद में उससे विवाह करेगा। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, दोनों पक्षों के बीच संपर्क, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच करती है। जांच के दौरान महिला के बयान तथा अन्य संबंधित तथ्यों को भी रिकॉर्ड किया जा सकता है।
मामले में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि कथित घटना के समय आरोपी पुलिस विभाग में पदस्थ था। हालांकि, किसी सरकारी कर्मचारी या पुलिस अधिकारी पर आरोप लगना अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करता। पुलिस जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपी का पक्ष भी जांच में सामने आना बाकी है।
महिला ने महिला थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित तथ्यों की पड़ताल शुरू की है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि दोनों के बीच किस प्रकार का संबंध था और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम के संबंध में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।
घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। चूंकि शिकायत एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ है, इसलिए जांच की निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही संभव होगा।
फिलहाल मामले में महिला की शिकायत ही सामने आई है और आरोपी की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य सामने आते हैं और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
इस प्रकरण ने एक बार फिर शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने से जुड़े मामलों में सहमति, भरोसे और कानूनी जिम्मेदारी से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।





